Karo Na Kaam, Corona Naakam

कोरोना माहमारी में संस्थाओ एवं भामाशाहों द्वारा जरुरतमंदो की मदद के लिए आगे आ रहा है। मैं भारत फाउंडेशन द्वारा भी जालोर एवं सिरोही के सुदूर गावों में सूखा राशन वितरण किया जा रहा है। संस्था के स्वयंसेवक जब सिरोही के वनवासी गाँवों में वितरण के लिए गए तो ग्रामीणों ने किसी भी चीज को दान में लेने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि वे मुफ्त का राशन प्राप्त नहीं करेगे बल्कि काम करके अपनी आजीविका से भोजन प्राप्त करेगे।

ग्रामीणों की सकारात्मक सोच को सहयोग देने के लिए मैं भारत संस्था ने ‘‘करो ना काम, कोरोना नाकाम’’ मुहिम चलाई गई। जिसका अर्थ है काम करो और कोरोना को निष्क्रिय बनाओ।

इसके तहत संस्था द्वारा काम करने के इच्छुक ग्रामीणों की आर्थिक सहायता के लिए एक आर्थिक माॅडल तैयार किया गया है। जिसके तहत गामीणो को शहरी पशुओं के लिए रोटी बनाने, मास्क बनाने आदि का काम दिया गया हैं।

संस्था द्वारा पशुओं के लिए रोटी बनाने हेतु अनाज आसपास के ग्रामीण घरों से क्रय किया जा रहा है। क्रय किए गए अनाज को पिसाई दर पर वहीं चक्की (हाथ चक्की अथवा बिजली चक्की उपलब्धता अनुसार ) आटा पिसवाया जा रहा है। इसके एवज में उन्हें आर्थिक मदद भी की जा रही है पिसेे हुए आटे को काम करने के इच्छुक परिवारों को अन्य सामानों के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा तैयार रोटियों को सिरोही व आबू के शहरी क्षेत्र में जानवरों के लिए भिजवाई जा रही है।

इसके अलावा सिलाई का काम जानने वाली ग्रामीण महिलाओं को वीडियों काॅल के जरिए मास्क बनाने की ट्रेनिंग दे कर मास्क तैयार कराए जा रहे है।

मास्क बनाने के लिए आवष्यक सामाग्री जैसे कपडा, धागा, डोरी आदि उपलब्धता अनुसार ग्रमीण क्षेत्रों से क्रय कर महिलाओं को उपलब्ध करवाया जा रहा है। महिलाओं द्वारा बनाए गए मास्क जरूरतमंदों एवं प्रशासन को मुफ्त उपलब्ध करवाए जाएगें।

इन परिवारों को काम की एवज में सूखे राशन के किट प्रदान किये जा रहे हैं।

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